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नियंत्रक की कलम से
यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए अत्यंत खुशी
का पल है कि मुझे देश के उत्तर पूर्वी
हिस्से के रणनीतिक क्षेत्र में स्थित
महत्वपूर्ण नियंत्रक कार्यालय में मामलों
के शीर्ष पर कार्य करने का अवसर मिला है ।
कमान के सामरिक महत्व का पता इसी बात से
लगाया जा सकता है कि यह भूटान,
चीन,
म्यांमार और बांग्लादेश के साथ
अंतरराष्ट्रीय सीमाओ को बांटता है । अतः
भौगोलिक सीमाओ की सुरक्षा हेतु सेना की
उपस्थिति एवं आवश्यकता स्पष्ट है । जहां
सेना अपने प्रशासनिक कार्यों की स्वयं
देखभाल करती है,
वही यह संगठन उनके लेखा-परीक्षा एवं
लेखांकन आवश्यकताओं की पूर्ति करता है जो
कोई सहज कार्य नहीं है । उत्तर पूर्वी
क्षेत्र के सभी राज्यों के 54 स्थानो में
स्थित विभिन्न अधीनस्थ कार्यालय इस कार्य
को अंजाम देते हैं ।
हमारे बहुत से क्षेत्रीय कार्यालय कुछ ऐसे
स्थानों में है जहां भौगोलिक और मौसमी
दोनों परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण है परंतु
ऐसे स्थानों में भी हमारे अधिकारी व
कर्मचारी सभी संबंधितों की संतुष्टि के
लिए पूर्ण समर्पण की भावना से अपना
कर्तव्य निभा रहे हैं ।
कुछ वर्षों से विभाग घटती
कर्मचारियों की स्थिति की समस्या से जूझने
का प्रयत्न कर रहा है । इस समस्या का
सामना करने के लिए जिन कार्य-क्षेत्रों के
गतिविधियों में कम्प्यूटरीकरण नहीं हुआ है
उन क्षेत्रों में कम्प्यूटरीकरण पर अधिक
निर्भर होकर कार्य-निष्पादन किया जा रहा
है जिसका सफल परिणाम मंत्रालय और सेना
मुख्यालय से प्राप्त प्रशंसा के माध्यम से
प्रकट हो रहा है । अधिकारी रैंक से नीचे
के कर्मियों (PBORs)
के वेतन व भत्ते हमारी प्राथमिकता क्षेत्र
है । अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों (PBORs)
का मासिक वेतन उनके अलग-अलग बैंको के खाते
में जमा पाना तथा खातों की तिमाही विवरणी
(QSAs)
की जगह में मासिक वेतनपर्ची (payslips)
की प्राप्ति जैसी आकांक्षाओं की पूर्ति के
लिए ऐसे कुछ कदम पहले ही उठाए गए हैं ।
इससे अग्रिम भुगतान के समायोजन के
अंतिमिकरण की बोझिल प्रक्रिया भी दूर हुई
है । "डॉल्फिन" परियोजना के तहत इस संगठन
के दोनों वेतन लेखा कार्यालयों
(PAOs)
से संबंधित अधिकारी रैंक से नीचे के
कर्मियों (PBORs)
के लिए एक ऑनलाइन वेतन लेखा प्रणाली
उपलब्ध कारवाई गई है । इसके अलावा,
वेतन लेखा कार्यालयों
(PAOs)
में चल रही गतिविधियों की जानकारी के लिए
दोनों वेतन लेखा कार्यालयों
(PAOs)
के लिए
गतिशील वेबसाइटों की मेजबानी की जा रही है
। वेबसाइट पर अधिकारी रैंक से नीचे के
कर्मियों (PBORs)
का वेतन ब्यौरा उपलब्ध होगा जहां से वे
अपने लॉगिन पासवर्ड का उपयोग कर आसानी से
जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं । वेबसाइट
में परेशानी के निवारण हेतु शिकायत दर्ज
करने का प्रावधान भी है तथा इस पर
अंतिमिकरण तक उपयुक्त स्तर पर नजर रखी
जाएगी । इस संगठन के अधीनस्थ कार्यालयों
में
"निधि"
(गैर-र.ले.वि. सामान्य भविष्य निधि के
लिए) और
“स.ले.अ.
बी.एस.ओ."
जैसी परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया गया
है । अन्य परियोजनाओं यथा,
"suvigya" (पेंशन
पूछताछ प्रणाली के लिए),
"sankalan" (मास्टर
नोटबुक ऑनलाइन), "viswak" (लेखा
अधिकारी गैरिसन इंजीनियरों के लिए) आदि का
विकास महत्वपूर्ण चरण में है तथा जल्द ही
पूरे देश में उनका क्रियान्वयन शुरू हो
जाएगा ।
“स.ले.अ. डी.ई.ओ.”
कार्यालयों के लिए एक
अन्य परियोजना से संबन्धित कार्यों की
शुरुवात हो चुकी है । हालही में हमारे
स्वागति पटल पर सेना के लिए कीओस्क सूचना
प्रणाली का अधिष्ठापन किया गया है जहां
यूनिट / फार्मेशनों के प्रतिनिधि स्पर्श
स्क्रीन का प्रयोग कर उनके अपेक्षित निधि
और बिल की जानकारी निकाल सकते हैं । सूचना
वितरण के लिए यह एक एकल खिड़की प्रणाली के
रूप में कार्य करता है ताकि प्रतिनिधियों
को इस कार्य के लिए अनुभागों में जाने की
आवश्यकता न हो । ठेकेदारों /विक्रेताओं
/आपूर्तिकर्ताओं के प्रतिनिधि भी इस
प्रणाली के माध्यम से लॉग इन करके अपने
दावो की स्थिति देख सकते हैं । इस
कार्यालय के वेबसाइट के गतिशील सामग्री को
एन.आई.सी. गुवाहाटी के साथ परामर्श कर
विकसित किया जा रहा है तथा जल्द ही इसे
यूनिट / फार्मेशन एवं ठेकेदारों
/विक्रेताओं /आपूर्तिकर्ताओं के लिए
उपलब्ध कराया जाएगा । लॉगिन आधारित इस
सूचना प्रणाली में प्रयोक्ता अपने
कार्यालयों में बैठे-बैठे इस संगठन के
वेबसाइट के विशिष्ट क्षेत्र में
"ग्राहक
क्षेत्र" के माध्यम से प्रवेश कर सकते हैं
और निधि एवं बिल की अद्यतन जानकारी
प्राप्त कर सकते हैं । इसके अलावा,
"suvigya"
परियोजना के तहत पेंशन लाभ संबंधी जानकारी
देने के लिए स्वागति पटल पर एक कंप्यूटर
रखा गया है जिसके ज़रिए अधिकारी रैंक से
नीचे के कार्मिक (PBORs)
अपने पेंशन संबंधी अपेक्षित जानकारी
प्राप्त कर सकेंगे । सभी संबंधितों के लिए
इन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी हमारे
वेबसाइट पर दी जाएगी ।
हमारे ग्राहकों को बेहतर,
कुशल सेवाए उपलब्ध कराने तथा हमारे आदर्श
वाक्य
“सेवाओं की सेवा में”
की सही मायने में पूर्ति के लिए ये सभी
हमारी ईमानदार कोशिश है ।
आइए,
(i) सही कार्यों
को जारी रखकर, (ii)
समर्पण के साथ नई सेवाओं का क्रियान्वयन
कर तथा (iii)
हमारे कार्य के किसी भी क्षेत्र में
बेहतरी के सुझावो को सामने लाकर हम अपनी
मजबूती बढ़ाए ।
शुभकामनाओं सहित
सी. जोथनखुमा
नियंत्रक
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